आपके साथ आप स्वयं खड़े हैँ

                                     
दोस्तोँ, हमेँ पता है कि आप सभी नेँ अपनेँ जीवन मेँ कुछ बड़ा Target ही निर्धारित किया होगा, आप कुछ बड़ा ही सोँच रहे होँगे और बड़े सपनेँ ही देख रहे होँगे।
कई बार आप कोई सपना देखते हैँ, उसे पुरा करनेँ मेँ जी-जान लगा देते हैँ, उस Dream को हकीकत मेँ Convert करनेँ का पुरा प्रयास करते हैँ लेकिन आप अकेले हो जाते हैँ। दुनिया मेँ कोई भी आपके साथ खड़ा

नहीँ होता।
जब हम कुछ करनेँ के लिये, अपनेँ मंजिलोँ को पानेँ के लिये निकलते हैँ और हमारे साथ कोई नहीँ होता। तो Generally आप या हम ऐसी Condition मेँ घबरा ही जाते हैँ लेकिन हमेँ ऐसी Condition से नहीँ घबराना चाहिये Because हर बार परिस्थितियाँ हमारे अनुकुल नहीँ होँगी और हमेँ अकेले ही चाहे कैसी भी परिस्थिति हो उसका डटकर सामना करना आना चाहिये।
इस बात को आप कभी झुठला नहीँ सकते कि हर वो महान काम जो आप करना चाहते हैँ, वो सपना जो आप खुली आँखोँ से देख रहे हैँ वो सब आप खुद के बुते पर ही पा सकते हैँ और यही सच्चाई है।
कई लोगोँ के मन मस्तिष्क मेँ एक Question बार-बार उभरकर सामनेँ आता ही रहता है कि "क्या मैँ अकेले खड़ा रह सकता हूँ? और क्या दुनिया वालोँ के बातोँ या कहेँ तानोँ का सामना कर सकता हूँ?"
श्रीमान् जान गार्डनर नेँ एक बहूत ही अच्छी बात कही है कि "अकेला इंसान क्या कुछ नहीँ कर सकता। सिर्फ अकेला व्यक्ति ही सब कुछ कर सकता है।"
अगर आपके अंदर कुछ कर दिखानेँ की काबिलियत है तो आपको दुसरोँ की आलोचना से परेशान होनेँ की जरूरत नहीँ है।
अक्सर लोगोँ का कहना होता है कि वह कुछ नहीँ कर पायेगा क्योँकि उसके साथ कोई नहीँ है। लोग ऐसी बातेँ ज्यादातर सामनेँ वाले को कमतर आंककर ही कहते है, लेकिन यह सच बात नहीँ है।
क्या आप अपनेँ आपको दुसरोँ से कमतर मानते हैँ, क्या आप स्वयं पर विश्वास नहीँ करते।
जब आप अकेले सपनेँ देख सकते हैँ, अपनेँ आप पर भरोसा कर सकते हैँ तो दुसरोँ के विचारोँ मेँ अपनेँ अंदर के विचारोँ को दबनेँ क्योँ देते हैँ।
आप कभी सामनेँ वाले को अपनेँ विचार, अपनेँ सपनेँ और अपना विश्वास प्रदान नहीँ कर सकते।
आपको अपनेँ सपनेँ अपनेँ पास रखने होँगे और आपको दुनिया को साबित करना होगा कि आप अकेले के दम पर ही दुनिया को जीत सकते हैँ।
यदि आप खुद के बुते पर सफल हो जाते हैँ तो दुनिया को भी आपकी बातोँ को सुनना, समझना और अपनाना पड़ता है। आपके सफल होते ही बुराई करनेँ वाले आलोचकोँ के मुँह बिल्कुल बंद हो जाते हैँ।
आप अपनेँ घर पर दरवाजा बंद करके सोये रहेँगे तो जाहिर सी बात है कि होली पर कोई भी आपको रंग लगानेँ के लिये नहीँ आयेगा। आपको बाहर निकलना ही पड़ेगा, अपनेँ सपनोँ के दरवाजोँ को खोलना ही पड़ेगा, आपको जागना ही पड़ेगा, भीड़ से बाहर निकलना ही पड़ेगा, मुसीबत का खुद आगे बढ़कर सामना करना ही पड़ेगा।
आप दुसरोँ के अनुसरण के चक्कर मेँ, संगति मेँ अपनी असली मकसद को और अपनी राह को भूल सकते हैँ।
जाहिर सी बात है आप दुसरोँ के सपनोँ को अपना नहीँ बना सकते, इसलिये आपको अपनेँ सपनोँ पर यकीन करना ही होगा।
अपनेँ सपनोँ पर यकीन करनेँ के लिये आपको एकांत मेँ चिँतन करना चाहिये कि आपकी असली ताकत क्या है, आपका असली मकसद क्या है और आप अपनी जिँदगी मेँ क्या हासिल करना चाहते हैँ और उसे कैसे हासिल कर सकते हैँ।
और इन प्रश्नोँ का उत्तर आपको अपनेँ अंदर से ही मिल सकता है। उत्तर पानेँ के लिये आपको स्वयं के लिये समय निकालना होगा और अपनी मन की बातोँ को सुनना होगा।
इतनेँ भीड़ भाड़ के कोलाहल मेँ रहनेँ के कारण हम अपनेँ मन की आवाज को सुनना भूल चुके हैँ। आप या हम अक्सर इसी के चलते ही लोगोँ के कहे मेँ आ जाते हैँ और अपनेँ लक्ष्य को भुला देते हैँ। लेकिन अब आपको ऐसा नहीँ करना है। आपको अपनेँ रास्ते खुद ही चुनना है, बनी बनाई राह को छोड़कर खुद ही अपनी राह बनानी है।
Most important बात कि हम सब साथ-साथ हैँ लेकिन हम सब अपनेँ अपनेँ दम पर ही आगे बढ़ते हैँ। इसलिये यह बहूत जरूरी है कि दुसरोँ की ताकत या मदद के सहारे रहने के बजाय खुद ही अपनी ताकत को विकसित कीजिये।

Friends यदि आपको रोज एक लाख रूपये दे दिये जायेँ और आपसे कहा जाये कि इसको आपको आज ही खतम करना है क्योँकि Next Day फिर से आपको एक लाख रूपये मिलेँगे। तो आप ज्यादा से ज्यादा उन रूपयोँ का फायदा दिन भर मेँ उठाना चाहेँगे क्योँकि आप भले ही एक रूपये उस दिन खर्च करेँ या एक लाख, अगले दिन आपको उतनेँ रूपये दोबारा मिल जायेँगे और यह प्रक्रिया आपके जीते तक चलेगी तो यह कितना सुखद होगा।
इसी तरह ही ईश्वर नेँ हमारे जिँदगी मेँ 24 घण्टोँ का Time निर्धारित कर दिया है और भगवान नेँ हमसे कहा है कि आज भले ही हम 24 घंटोँ का फायदा उठायेँ कि नहीँ कल फिर हमारे पास उतना ही समय आ जायेगा।
इसलिये दोस्तोँ इतनेँ कीमति समय को व्यर्थ की सोँच मेँ मत गवाओँ। अपनेँ आपको पहचानोँ, मन की आवाज को दबनेँ मत दो हमेशा यह सुननेँ की कोशिश करो कि आपका मन क्या चाहता है और जिस दिन आप अकेले ही सही अपनेँ मन की आवाज को सुनकर आगे बढ़ेँगे तो थोड़ी देर ही सही पर कामयाबी जरूर मिलेगी।
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आप खुद अपनी ताकत हैँ,
आप खुद अपना सहारा हैँ,
आप खुद ही अपनेँ विचारोँ के स्वामी हैँ।
आप खुद ही अपनेँ किस्मत के रचनाकार और आप खुद ही अपनेँ जीवन का आधार हैँ।
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                                                                            धन्यवाद!

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