हार न मानिये आगे बढ़िये और जीतिये..





Dear friends सफलता की इस Journey पर चलनेँ के लिये इस दुनिया मेँ तीन अलग-अलग Category के लोग पाये जाते हैँ। Success की सीढ़ियोँ पर कदम रखनेँ वाले तीनोँ लोग Diffirent types के होते हैँ। इसलिये इन तीनोँ को समझनेँ के लिये मैनेँ तीन Groups create किये हैँ।
1. Low level का आदमी.

2. Middle level का आदमी.
3. High level का आदमी.
Low level की Category वाला आदमी एक बार जब असफल होकर गिर जाता है तो दोबारा उठनेँ का प्रयास ही नहीँ करता, जमीन पर ही पड़ा रहता है और चोट लगे हूए घाव को सहलाता रहता है।
Middle level का आदमी जब असफल होकर गिरता है तो थोड़ा उठनेँ का प्रयास करता है, अपनेँ घुटनेँ के बल बैठकर रेँगने लगता है और कुछ दुर तो पुरे हिम्मत करके चलता है फिर अपनेँ मंजिल तक पहूँचनेँ से पहले ही इस डर के साथ अपनेँ कदम रोक लेता है कि कहीँ मैँ फिर गिर ना जाऊँ और ऐसी धारणा लिये ही वह उस दिशा को छोड़कर दुसरी दिशा ढुंढनेँ मेँ अपना पुरा जीवन बिता देता है।
लेकिन जब High level का आदमी गिरता है तो उसका उत्साह और साहस देखनेँ लायक होता है वह तुरंत उठ खड़ा होता है। अपनेँ गिरनेँ की वजह जाननेँ का प्रयास करता है, उससे प्रेरणा हासिल करता है, सबक सीखता है अपनेँ गिरनेँ की बात को तुरंत दिमाग से झटक देता है और अपनेँ Target को Follow करता है।
और अन्त मेँ ऊपर की तरफ बढ़नेँ लगता है और आखिर मेँ जीत उसी की होती है।
तो दोस्तोँ मैँ आपसे पुछना चाहूँगा कि आप इन तीनोँ मेँ कौन सी Category मेँ अपना नाम शामिल करवाना चाहेँगे।
दोस्तोँ ये तो आप सभी जानते हैँ कि असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी है और बिना कठिनाईयोँ, बिना मुसीबतोँ, बिना मुश्किलोँ और बिना असफल हूये आप कभी भी सफलता के बारे मेँ सोँच तक नहीँ सकते।
लेकिन सफल होनेँ के लिये भी एक छोटी सी Condition को आपको Follow करना होता है, वो ये कि आपको उस असफलता से सीख और सबक लेना होता है और जो गलती आपनेँ असफल होनेँ के दौरान दोहराई उस गलती को फिर से दोबारा Repeat नहीँ करना होता है। लेकिन मैनेँ स्वयं के साथ भी एक Practically feel किया है कि जब हम किसी चीज मेँ असफल होते हैँ तो हम इतनेँ Emotional हो जाते हैँ कि दुख हमारे आँखोँ के माध्यम से बाहर आ जाती है। दुखी होनेँ के चलते ही शायद हम अपनी गलतियोँ से कुछ सीख नहीँ पाते, अपनी गलतियोँ का सबक दुख के माध्यम से छुट जाता है और हम बाद मेँ सबक न सीखनेँ की वजह से दोबारा वही गलती दोहराते हैँ और हमारे पास रोने और हाथ मलनेँ कि सिवाये कुछ भी नहीँ बचता।
Friends हमेँ अपनेँ Emotions को खुद पर इतना भी हावी नहीँ होनेँ देना चाहिये कि सही और गलत का फर्क हम पहचान न सकेँ।
दोस्तोँ हर चीज के दो पहलु होते हैँ First Positivity(+ty) और दुसरा Negativity (-ty).
असफलता के नेगेटीविटी की आदत सबको इतनी ज्यादा हो गई है कि अब हम उसके Positivity को देखना ही नहीँ चाहते।
अगर हम असफल हुए हैँ हारे हैँ तो जरूर हममेँ कोई कमी थी जिसके बदौलत आज हम सफल नहीँ हैँ। तो हम अपनी असफलता से कुछ सबक सीखनेँ की बजाये, असफलता का कारण जाननेँ की बजाये, पछतावा लिये सिर पकड़कर बैठ जाते हैँ ये कहाँ कि बुध्दिमानी है!! लेकिन जो व्यक्ति अपनी असफलता मेँ भी Positive attitude बनाये रहता है और फिर नई शुरूआत करनेँ को तैयार रहता है यकीनन वो भले ही पहले कई बार असफल हो लेकिन अंत मेँ जीत उसकी पक्की है।
हम लोगोँ की फितरत बड़ी अजीब Type की होती है suppose आप Exam मेँ Top कर गये तो उसका क्रेडिट आप अकेले ही हासिल करना चाहेँगे। आपके मुँह से बार-बार ये शब्द बाहर निकलेँगे कि मैँ रात को बारह बजे तक पढ़ा करता और रोज 10 घंटे पढ़ा करता था वगैरा वगैरा...
लेकिन यदि आप Exam मेँ फैल हो गये तो अपनी असफलता का क्रैडिट खुद लेनेँ की बजाये दुसरोँ पर अपनीँ गलतियाँ थोपेँगे और आपके मुँह से ऐसे Type के शब्द बाहर निकलेँगे- क्या करेँ हमारा पढ़नेँ लायक माहौल नहीँ है। अरे यार! Papa दिन भर दुकान मेँ काम करवाते हैँ.. वगैरा...
तो Friends सफलता के लिये Credit लेना बनता है लेकिन असफलता के लिये दुसरोँ को क्रैडिट देना! ये कहाँ तक सही है ये तो साफ सुथरा  कोरा बहाना  है।
आप हार को जीत मेँ जरूर बदलेँगे अपनी गलतियोँ से सीखेँगे सबक लेँगे और दोबारा Repeat न करनेँ के लिये खुद से वादा करेँगे। अपनी गलतियोँ से आप जो भी सीखेँ उसे अपनी Life मेँ प्रैक्टीकली Use मेँ लाइये।
लोग कहते हैँ कि पीछे मुड़कर मत देखो लेकिन मैँ कहता हूँ कि आप पुरे साहस और जुनुन के साथ पीछे मुड़िये एक बार मुस्कुराइये और देखिये कि आपनेँ पीछे मेँ कितनी गलतियाँ की उसके बाद क्या करना है आप सब जानते ही हैँ.. उठो जागो और तब तक ना रूको जब तक कि जीत न जाओ...
Friends यदि आप अपनी असफलता से कुछ सीख रहे हैँ तो आप फायदे मेँ हैँ और असफलता आपके लिये बहूत ही  फायदेमंद है और मुझे पुरा यकीन है कि आप असफलता को फायदेमंद ही समझेँगे।
हार को जीत मेँ बदलनेँ के लिये खुद को जीत के लिये कसरत कराना या तैयारी करना बहूत जरूरी है।
Friends खुद को तैयार करनेँ के लिये बहूत जरूरी है अपनी कमजोरियोँ को जानना, जिस दिन आप अपनी कमजोरियोँ से डरेँगे नहीँ उस दिन आपमेँ एक गजब का Positive changes आयेगा और आप आम से बहूत खास बन जायेँगे। लेकिन Condition ये है कि आपको अपना अहंकार त्यागकर अपनी Weakness को निखारना होगा यदि आप अपनी कमियोँ के बारे मेँ नहीँ जानते तो आप अपनेँ करीबी से इस बारे मेँ Discuss कीजिये और पता लगाइये कि कि आप आम से खास कैसे बन सकते हैँ अगर आपके अंदर ऐसी कमजोरी है जिसके बदौलत आप सफल नहीँ हो पा रहे हैँ तो उसे आज से ही सुधारनेँ के लिये प्रयास कीजिये क्योँकि मैँ यकीन के साथ कहता हूँ कि वो आपकी आदत बनकर आपकी Life के साथ चिपक गई है इसलिये  कमजोरियोँ से डरनेँ  की बजाये उसमेँ सुधार करनेँ का प्रयास कीजिये जीत आपकी ही होगी।
दोस्तोँ यदि आप अपनी हार को भी एक जीत की नजर से देखते हैँ तो एक दिन जीत खुद बखुद आपके लिये अपना दरवाजा खोल देती है इसलिये जीत और हार के इस  Race मेँ हमेँशा Positive या उजले पहलुओँ को ही देखेँ। अगर आप Positive नजरिया विकसित कर लेँगे तो सारी चीजेँ अपनेँ आप ही आपके अनुकुल हो जायेँगी और सारी चीजेँ आपके लिये बखुबी बहूत अच्छा से काम करेँगी।
अब किस्मत के भरोसे रहना बंद कीजिये अपनेँ लगन और प्रैक्टीकल कामोँ को आगे आनेँ दीजिये। हमेशा अपना 100% बेस्ट देनेँ की कोशिश कीजिये और जीतनेँ के लिये आगे आइये। शुरू मेँ आपकी हार ही आपकी जीत Decide करेगी इसलिये हार को अपनी शक्ति बनाइये। उठ खड़े होइये
मंजिल आपके ही इंतजार मेँ है बस आप कदम बढ़ाइये और डटे रहिये बाकि आपको सिर्फ आगे बढ़ना है और फिर जीतना है।...
All the Best.

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