गहने बेचकर शुरू किया काम, आज हैं अरबपति..


वीएसएस मणि
जो जस्ट डायल के प्रमुख हैं उनका पूरा नाम वैंकटचलम स्थनु सुब्रमणि है. मणि नाम से लगता है कि वे दक्षिण भारत में रहते होंगे लेकिन ऐसा नहीं है. वे कभी दक्षिण भारत में नहीं रहे हैं. कोलकाता में पले-बढ़े और अपनी मेहनत से बहुत संघर्षों से बाद इस शख्स ने अपनी कंपनी को 900 करोड़ रूपये का बनाया है.
जिस कम्पनी को उन्होंने 1996 में मुम्बई के एक गैरेज से शुरू किया था. परिवार का पेट भरने के लिए उन्होंने सी.ए. छोड़ दी और यहाँ तक कि उन्हें अपनी पत्नी के गहने तक बेचने पड़े. किराये का फर्नीचर, किराये का कम्प्यूटर और 50,000 रूपये से उन्होंने अपनी कंपनी की शुरूआत की. वीएसएस मणि जी ने मात्र 6 कर्मचारियों से अपनी कंपनी की शुरूआत की थी. जस्ट डायल का  आईडिया 22 साल की उम्र में ही उनकी जहन में था, जब वे यूनाइटेड डाटाबेस इंडिया कंपनी के यैलो पेसेज के लिए काम करते थे. इसी के चलते वे 1989 में आस्क मी नाम से एक कम्पनी शुरू कर चुके थे तब चूँकि कनेक्शन ज्यादा नहीं थे इसलिए बात नहीं बन सकी.
8888888888 यह नम्बर आज भी जस्ट डायल के लिए लगाया जाता है. यह नम्बर 1996 में मुम्बई के कांदिवली एक्सचेंज का नम्बर हुआ करता था. किसी तरह से उन्होंने एक्सचेंज के जीएम को यह नम्बर उनको देने के लिए मना लिया परन्तु 15000 रूपये न चूका पाने की वजह से वे इसे नहीं ले सके लेकिन अब यह नम्बर उनके ही पास है.
एक समय उन्होंने वेडिंग प्लानिंग कंसल्टेंसी का भी काम किया लेकिन कुछ ही दिनों में उनको यह काम बंद करना पड़ा इसके बाद से उन्होंने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और इसी एक काम पर फोकस करना शुरू कर दिया और आज जस्ट डायल का नाम हर किसी की जुबान पर है. अपने काम को चुनौती के साथ पूरा करने के कारण ही आज यह कम्पनी 19 सालों में 6 लोगों से बढ़कर यह 9000 तक पहुँच चुकी है. आज 9000 कर्मचारी में अधिकांश पुराने साथी अभी भी मणि के साथ हैं.
कहते हैं किसी के आगे बढ़ने के पीछे एक औरत का हाथ होता है और वीएसएस मणि जी को भी सफलता के चरम सीमा तक पहुँचने की प्रेरणा उनकी पत्नी अनिता से मिली है. उनका कहना है कि शादी के वक्त अनिता को टेक्नोलोजी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी लेकिन जब से उसने स्मार्टफोन खरीदा था वे उस पर एक जानकार की भांति उँगलियाँ चलाती थीं. इसी को देखकर मणि के मन में ख्याल आया कि क्यों न कुछ ऐसा काम शुरू किया जाए जो हर आदमी के काम आये. उनकी पत्नी अनिता जी स्क्रिप्ट राईटर हैं जो फिल्मों के लिए लिखतीं हैं और वक्त मिलने पर वे भी अपनी पत्नी के साथ लिखने बैठ जाते हैं.. और बहुत अच्छी बात ये कि उनकी कम्पनी तो करोड़ों में कमा ही रही है इसके साथ ही अब इसके ब्रैंड एम्बेसेडकर से लेकर इन्वेस्टर तक अमिताभ बच्चन जी हैं..
कारोबार की दुनिया में बहुत ही तेजी से आगे बढ़ रहे वीएसएस मणि ने न सिर्फ बड़े सपने देखे बल्कि उन्हें हकीकत में तब्दील करके दिखा दिया. वे एक शानदार व्यक्ति हैं, वे हमेशा जोश से भरे नजर आते हैं. अपने आत्मविश्वास के बल-बूते पर ही प्रोडक्ट और सर्विस सर्च कंपनी जस्टडायलने मई में आईपीओ जारी कर बाजार से 905 करोड़ रुपये जुटाया गया था.. ऐसे प्रेरणा से भरपूर इंसान को हम सब सलाम करते हैं!
                                                                                                                       धन्यवाद!
                                                                                                                              शुभम यादव
                                                                                                                               रायगढ़ (छ.ग.)
                                                                                                         ई-मेल-  shubhamyindia@gmail.com

शुभम यादव जी बी.एस.सी. साइंस के स्टूडेंट हैं साथ ही वो हमारी सफलता के नियमित पाठक हैं. और उनकी पूरी रूचि एनीमेशन रिलेटेड मूवीस और विडियो बनाने में है. वो अपना करियर आगे इसी सेक्टर में बनाना चाहते हैं. उनका सपना है कि वो एनीमेशन के क्षेत्र में देश को कुछ नया दें और इस क्षेत्र में अपना अलग पहचान बनाएँ..

हमारीसफलता.कॉम के सभी पाठकों की तरफ से हम शुभम जी का हम धन्यवाद देना चाहते हैं कि उन्होंने वैंकटचलम स्थनु सुब्रमणि (वीएसएस मणि) जी के सम्बन्ध में उनके जीवन से जुडी इतनी प्रेरणादायक आर्टिकल शेयर की जो कि एक Real Life Hero Motivational Hindi Story है..  हम सब शुभम जी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं...  Thanks Shubham Ji!

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